मंगलवार, 1 अक्तूबर 2019

डरकर शरमाकर सहमकर झेंप रहे हैं गाँधीवादी

सत्य 
अहिंसा 
का 
दूसरा नाम 

कभी 
किसी 
जमाने में 
कहते थे 

होता
था 
गाँधी

झूठ
की 
चल रही है 

इस 
जमाने में 

जर्रे जर्रे 
में 

हवा नहीं है 

है एक 
आँधी

सत्य 
छिपा 
फिर
रहा है 

खुद 
अपना 
मुँह छुपाये 

गलियों 
गलियों में 

झूठ की 
बढ़ गयी है 

हर
तरफ 
आबादी

अहिंसा 
को
डर है 

खुद के 
कत्ल 
हो 
जाने का 

लिंचिंग 
हो जाने 
की
हुई है 

जब से 
उसके
लिये 
घर घर में 
मुनादी

चाचा 
होते होते

नहीं 
हो पाने 
के बाद 

जब 
हो रही है 

बापू 
हो जाने 

की
तीव्र 
इच्छा 

छाती 
फुला रहा है 

विदेश 
जा कर 

फौलादी

एक 
सौ 
पचासवीं 
जयन्ती 

मजबूरी
है 

झंडे के 
रंगों को 
कर 
अलग अलग 

हवा 
खुद नहीं 
चल पाती है 

जब तक 
नहीं 
हो जाती है 

पूरी 
उन्मादी 

आसमान 
की ओर 

मुँह कर 
खड़े
हो गये 
हैं
तीनों बंदर 

खुला 
छोड़ कर 

अपने 
आँख नाक 
और 
मुँह 
‘उलूक’ 

डरकर 
शरमाकर 
सहमकर 

झेंप रहे हैं 
गाँधीवादी।
चित्र साभार: https://depositphotos.com

17 टिप्‍पणियां:

  1. जब अनगिन गाँधी हो जायेंगे -- तो असली कहाँ नजर आयेंगे
    बिलकुल असली भेष धरा है -- ये मुखौटे कहाँ उतर पायेंगे ??


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    1. आदरणीय सुशील जी आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें | उलूक दर्शन के साथ नए आयामों को जोड़ते आपके सृजन का प्रवाह अमर हो , मेरी यही दुआ और कामना है | सादर | ,

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  2. जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ सर।
    स्वस्थ रहे,प्रसन्न रहे,खूब यशस्वी हो लेखनी से लोगों के मन झकझोरते रहे यही कामना है।
    सादर प्रणाम सर।

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  3. सत्य अहिंसा का दूसरा नाम
    कभी किसी जमाने में कहते थे
    होता था गाँधी...।
    आज भी वही है और कल भी रहेगा.
    स्वस्थ रहें प्रसन्न रहें...जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँँ...

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  4. वाह आदरणीय सर बहुत खूब कहा आपने
    अफ़सोस..स्वार्थ के चलते तो लोग अब बापू को भी कठघरे में खड़ा करते हैं
    सादर नमन

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  5. आगे बढ़ो बाबा –

    एक हाथ में लाठी ठक-ठक,
    और एक में,
    सत्य, अहिंसा तथा धर्म का,
    टूटा-फूटा, लिए कटोरा.

    धोती फटी सी, लटी दुपटी,
    अरु पायं उपानहिं की, नहिं सामा,
    राजा की नगरी फिर आया,
    बिना बुलाए एक सुदामा.

    बतलाता वो ख़ुद को, बापू,
    जिसे भुला बैठे हैं बेटे,
    रात किसी महफ़िल में थे वो,
    अब जाकर बिस्तर पर लेटे.

    लाठी की कर्कश ठक-ठक से,
    नींद को उनके, उड़ जाना था,
    गुस्ताख़ी करने वाले पर,
    गुस्सा तो, बेशक़ आना था.

    टॉमी को, खुलवा मजबूरन,
    उसके पीछे, दौड़ाना था,
    लेकिन एक भले मानुस को,
    जान बचाने आ जाना था.

    टॉमी को इक घुड़की देकर,
    बाबा से फिर दूर भगाया,
    गिरा हुआ चश्मा उसका फिर,
    उसके हाथों में थमवाया.

    बाबा लौटा ठक-ठक कर के,
    नयन कटोरों में जल भर के,
    अपने सब अब हुए बेगाने,
    उसे खोजने और ठिकाने.

    राष्ट्रपिता कहलाता था वह,
    राष्ट्र-शत्रु पर अब कहलाए,
    बहुत दिनों गुमराह किया था,
    कलई खुल गयी वापस जाए.

    ट्रम्प उसे जानता नहीं है,
    पुतिन उसे मानता नहीं है,
    उसकी राह पे चलने का प्रण,
    अब कोई ठानता नहीं है.

    बाबा अति प्राचीन हो गया,
    पुरातत्व का सीन हो गया,
    उसे समझना मुश्किल है अब,
    भैंस के आगे बीन हो गया.

    नई शक्ति मिल गई राष्ट्र को,
    नई दिशा मिल गयी राष्ट्र को,
    नव-भारत का उदय हुआ है,
    नया पिता मिल गया राष्ट्र को.


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  6. जी नमस्ते,
    आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज बुधवार 2 अक्टूबर 2019 को साझा की गई है......... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  7. गांधी होना कहाँ आसान है ...
    आसान है उसकी बात करना ... इसके सत्य अहिंसा को बोलना ... पर कोई नहीं चाहता आज उन्हें शेल्फ से निकालना ... बहुत प्रभावी रचना ...

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  8. आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" में गुरुवार 03 अक्टूबर 2019 को साझा की गयी है......... पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  9. University of Perpetual Help System Dalta Top Medical College in Philippines
    University of Perpetual Help System Dalta (UPHSD), is a co-education Institution of higher learning located in Las Pinas City, Metro Manila, Philippines. founded in 1975 by Dr. (Brigadier) Antonio Tamayo, Dr. Daisy Tamayo, and Ernesto Crisostomo as Perpetual Help College of Rizal (PHCR). Las Pinas near Metro Manila is the main campus. It has nine campuses offering over 70 courses in 20 colleges.

    UV Gullas College of Medicine is one of Top Medical College in Philippines in Cebu city. International students have the opportunity to study medicine in the Philippines at an affordable cost and at world-class universities. The college has successful alumni who have achieved well in the fields of law, business, politics, academe, medicine, sports, and other endeavors. At the University of the Visayas, we prepare students for global competition.

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