सोमवार, 20 अप्रैल 2020

पढ़ता कोई नहीं अपनी आँखों से सब पढ़ कर कोई और सुनाता है



बकवास करने में
कौन सा क्या कुछ चला जाता है 
फिर आजकल
कुछ कहने सुनने क्यों नहीं आता है 

सूरज रोज सुबह
और चाँद शाम को ही जब आता है 
अभी का अभी लिख दे
सोचने में दिन निकल जाता है 

खबरें बीमार हैं माना सभी
अखबार बीमार नजर आता है
नुस्खा बकवास भी नहीं होती
 बक देने में क्या जाता है 

ताला लगा है घर में
दिमाग बन्द हुआ जाता है 
खुले दिमाग वालों को
भाव कम दिया जाता है 

थाली में सब है
गिलास में भी कुछ नजर आता है 
भूख से नहीं मरता है कोई
मरने वालों में कब गिना जाता है 

सब कुछ लिखा होता है चेहरे पर
चेहरा किताब हो जाता है 
पढ़ना किस लिये अपनी आँखों से
सब पढ़ कर कोई और सुनाता है 

बकवास हो गया खुद एक ‘उलूक’
बकवास करना चाहता है 
खींचते ही लकीरों में चेहरा कविता का
मुँह चिढ़ाना शुरु हो जाता है।
चित्र साभार: https://favpng.com/

22 टिप्‍पणियां:

  1. खबरें बीमार हैं माना सभी
    अखबार बीमार नजर आता है
    नुस्खा बकवास भी नहीं होती
    बक देने में क्या जाता है
    बहुत अच्छा लिखे हैं सर।
    बोलना ही तो गुनाह हो जाता है
    मौन नहीं बयान गुनाह हो जाता है।
    प्रणाम सर।

    जवाब देंहटाएं
  2. आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज मंगलवार 21 एप्रिल 2020 को साझा की गई है.... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

    जवाब देंहटाएं
  3. सीधी सच्ची बात कहलने का सच्चा प्रयास
    सादर नमन

    जवाब देंहटाएं
  4. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बुधवार (22-04-2020) को  "देश में टेलीविजन इतिहास की   कहानी लिखने वाला दूरदर्शन "   (चर्चा अंक-3678)    पर भी होगी। -- 
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है। 
    -- 
    कोरोना को घर में लॉकडाउन होकर ही हराया जा सकता है इसलिए आप सब लोग अपने और अपनों के लिए घर में ही रहें।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।  
    --
    सादर...! 
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' 

    जवाब देंहटाएं
  5. खबरें बीमार हैं माना सभी
    अखबार बीमार नजर आता है ।
    सच पूछिए तो आजकल सब कुछ बीमार नजर आता है ।
    कहा भी जा रहा है कि सामने वाले को बीमार मान कर चलो !
    बेहतरीन प्रस्तुति । बहुत खूब आदरणीय ।

    जवाब देंहटाएं
  6. हमेशा की तरह धारदार, कुछ अलग। सचमुच हमारे दिमागों में ताला पड़ गया है।

    जवाब देंहटाएं
  7. सच क्या दिमाग भी वायरस की चपेट हैँ, यह सोचनीय स्थिति है
    बहुत सही ...

    जवाब देंहटाएं
  8. सब कुछ लिखा होता है चेहरे पर
    चेहरा किताब हो जाता है
    पढ़ना किस लिये अपनी आँखों से
    सब पढ़ कर कोई और सुनाता है

    बहुत खूब ... ,सादर नमस्कार सर

    जवाब देंहटाएं
  9. आपकी लेखनी का कोई जवाब नहीं है और हम भी  Hindi Gana Video पर लिखते है।

    जवाब देंहटाएं
  10. ताला लगा है घर में
    दिमाग बन्द हुआ जाता है
    खुले दिमाग वालों को
    भाव कम दिया जाता है एकदम सौ टके की बात।

    जवाब देंहटाएं
  11. आपकी लेखनी का कोई जवाब नहीं है ❤❤❤

    जवाब देंहटाएं
  12. aap bahut hi aacha article likhte hai
    aap aise hi aur achhe article ko publish kare
    me aapka har article jo Read karta hu
    Read More About Hollywood Extraction movie download in hindi 300mb Leaked Online by TamilRockers 2020

    जवाब देंहटाएं

  13. खबरें बीमार हैं माना सभी
    अखबार बीमार नजर आता है
    नुस्खा बकवास भी नहीं होती
    बक देने में क्या जाता है

    ताला लगा है घर में
    दिमाग बन्द हुआ जाता है
    खुले दिमाग वालों को
    भाव कम दिया जाता
    बहुत खूब लिखा है ,नमन

    जवाब देंहटाएं
  14. बकवास,यों देखा जाय तो वाग्विलास विलास (वाक् की परिणति बक में) है ,जब तक उसे पटरी से बिलकुल उतार ही न दिया जाय.

    जवाब देंहटाएं
  15. I am really happy to say it’s an interesting post to read Motivational Quotes in Hindi this is a really awesome and i hope in future you will share information like this with us

    जवाब देंहटाएं
  16. सर आपकी शैली बहुत खूब है,

    अब तो पढ़ने को जी चाहता है,
    कुछ नया सीखने को जी चाहता है,
    इस बकवास की जमात में शामिल होने को जी चाहता है,
    बस अब तो पढ़ने को जी चाहता है,
    आपके लिखे से कुछ सीखने को जी चाहता है,

    कुछ नया सीखने को जी चाहता है,
    कुछ नया सीखने को जी चाहता है।।

    सधन्यवाद

    🙏🏻💐💐🙏🏻

    जवाब देंहटाएं
  17. This is really a good information for us. If you are a Fitness freak so you can read our Quotes which will motivate you.

    जवाब देंहटाएं