चोरी डकैती हत्या बलात्कार भ्रष्टाचार व्यभिचार
कौन सा आज का है एक नया समाचार
इतिहास में भी होता आया हो जो कई कई बार
उसका किसलिए जिक्र करना बार बार
चोर घर का हो अपना हो
किसलिए उसपर बात करना
किसलिए बैठाया है हर थाने में एक थानेदार
चोर चोर चिल्लाए जो चोर के सामने सामने
उसका श्राद्ध बहुत जरूरी हो गया है करना इस बार
खुद गुनाह करे और करे इबादत भी वही गुनहगार
सबसे अच्छा है वही आज का उत्कृष्ट कारोबार
क्या जरूरत वकील की क्या अदालत की
सजा देने को हर खजूर बैठा है जब कलम ले तैयार
किसी को कुछ नहीं आता है समझ में
दिमाग रखता है बस एक हजूर का ठेकेदार
सारी निविदाएं होती हैं उसकी
उसी को लिखनी होती है खबर उसी का होता है अखबार
‘उलूक’ समझ को ठोक लिया कर अपनी हथौड़े से
कुछ भी पढ़ने से पहले हर बार
भगवान जब लिख रहा हो कुछ
बिना पढे ही लिख क्यों नहीं देता
दंडवत प्रणाम और नमस्कार ?
चित्र साभार: https://www.dreamstime.com/

ठोक दिया कर समझ को
जवाब देंहटाएंआभार
वंदन
आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" पर शनिवार 18 जुलाई 2026 को लिंक की गयी है....
जवाब देंहटाएंhttp://halchalwith5links.blogspot.in पर आप सादर आमंत्रित हैं, ज़रूर आइएगा... धन्यवाद!
!
देश एक बार फिर एक दोराहे पर खड़ा है, जब न्याय नहीं टिका, अन्याय कब तक टिक सकेगा, परिवर्तन की लहर उठ रही है
जवाब देंहटाएंतेज धार व्यंग की ... हमेशा की तरह
जवाब देंहटाएंबहुत सुंदर रचना
जवाब देंहटाएंसारी निविदाएं होती हैं उसकी
जवाब देंहटाएंउसी को लिखनी होती है खबर उसी का होता है अखबार
बहुत सटीक...
लाजवाब।
भगवान जब लिख रहा हो कुछ
जवाब देंहटाएंबिना पढे ही लिख क्यों नहीं देता
दंडवत प्रणाम और नमस्कार ?
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