शुक्रवार, 17 जुलाई 2026

छोटी सी बात है चोरी मत उछाल मजाक की भी हद्द है सरकार



चोरी डकैती हत्या बलात्कार भ्रष्टाचार व्यभिचार
कौन सा आज का है एक नया समाचार
इतिहास में भी होता आया हो जो कई कई बार
उसका किसलिए जिक्र करना बार बार

चोर घर का हो अपना हो
किसलिए उसपर बात करना
किसलिए बैठाया है हर थाने में एक थानेदार
चोर चोर चिल्लाए जो चोर के सामने सामने
उसका श्राद्ध बहुत जरूरी हो गया है करना इस बार

खुद गुनाह करे और करे इबादत भी वही गुनहगार
सबसे अच्छा है वही आज का उत्कृष्ट कारोबार
क्या जरूरत वकील की क्या अदालत की
सजा देने को हर खजूर बैठा है जब कलम ले तैयार

किसी को कुछ नहीं आता है समझ में
दिमाग रखता है बस एक हजूर का ठेकेदार
सारी निविदाएं होती हैं उसकी
उसी को लिखनी होती है खबर उसी का होता है अखबार

‘उलूक’ समझ को ठोक लिया कर अपनी हथौड़े से
कुछ भी पढ़ने से पहले हर बार
भगवान जब लिख रहा हो कुछ
बिना पढे ही लिख क्यों नहीं देता
दंडवत प्रणाम और नमस्कार ?

चित्र साभार: https://www.dreamstime.com/

7 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" पर शनिवार 18 जुलाई 2026 को लिंक की गयी है....

    http://halchalwith5links.blogspot.in
    पर आप सादर आमंत्रित हैं, ज़रूर आइएगा... धन्यवाद!


    !

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  2. देश एक बार फिर एक दोराहे पर खड़ा है, जब न्याय नहीं टिका, अन्याय कब तक टिक सकेगा, परिवर्तन की लहर उठ रही है

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  3. सारी निविदाएं होती हैं उसकी
    उसी को लिखनी होती है खबर उसी का होता है अखबार
    बहुत सटीक...
    लाजवाब।

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  4. भगवान जब लिख रहा हो कुछ
    बिना पढे ही लिख क्यों नहीं देता
    दंडवत प्रणाम और नमस्कार ?

    —🙏

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