बुधवार, 29 अगस्त 2012

बाबा चमन चुप हो गया

चमन अपने
घरेलू मोर्चे पर
फेल हुआ
सड़क पर
निकल
कर आया
हरकतें जब
दिखीं उसकी
कुछ अजीबोगरीब
चमन से
चमन बाबा
लोगों ने
उसे बनाया
चमन बाबा
की खासियत
उसी को
समझ में
आती है
जिसकी ऊपरी
मंजिल
चमन बाबा
की सोच से
मेल कहीं
थोड़ा सा
खाती है
चमन बाबा
सड़क पर
रोज कहीं
ना कहीं
टकराता है
जब भी कहीं
एक कौआ
उसको नजर
आता है
एक भजन
उसके होंठो पर
चला आता है
चमन हंसता है
चमन मुस्कुराता है
इधर कुछ दिनो से
चमन बाबा
कुछ उदास सा
नजर आता है
ज्यादातर
किसी टी वी की
दुकान पर खड़ा
उसे हर कोई
पाता है
समाचार वो
सुनता है
एक कोने में
खड़ा होकर
और जैसे ही
कहीं उसे
संसद भवन
नजर आता है
चमन अपनी
अंगुली अपने
मुँह के ऊपर
ले आता है
मुड़ता है
और चुपचाप
चला जाता है ।

4 टिप्‍पणियां:

  1. और जैसे ही
    कहीं उसे
    संसद भवन
    नजर आता है
    चमन अपनी
    अंगुली अपने
    मुँह के ऊपर
    ले आता है
    मुड़ता है
    और चुपचाप
    चला जाता है !
    नो कमेंट्स!

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  2. आपकी पोस्ट 30/8/2012 के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
    कृपया पधारें

    चर्चा - 987 :चर्चाकार-दिलबाग विर्क

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  3. बस संसद में जो आता है .,असली चमन कहाता है ,यहाँ चमन "अली" और चमन "लाल" की चांदी है ,.........
    बढ़िया प्रस्तुति है कृपया यहाँ भी पधारे -

    ram ram bhai

    बृहस्पतिवार, 30 अगस्त 2012

    अस्थि-सुषिर -ता (अस्थि -क्षय ,अस्थि भंगुरता )यानी अस्थियों की दुर्बलता और भंगुरता का एक रोग है ओस्टियोपोसोसिस

    http://veerubhai1947.blogspot.com/

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  4. यूँ जाने कितने चमन बाबा रचे बसे है सबके बीच..
    बहुत बढ़िया प्रस्तुति

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