उलूक टाइम्स

"बर्बाद गुलिस्ताँ करने को बस एक ही उल्लू काफ़ी था हर शाख़ पे उल्लू बैठा है अंजाम-ए-गुलिस्ताँ क्या होगा " :- शौक़ बहराइची

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बुधवार, 26 अगस्त 2026

एक छात्र की समीक्षा "सरगोशियों के स्वर" की

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             पुस्तक समीक्षा : सरगोशियों के स्वर समीक्षक : गौरव कांडपाल एम0 एससी 0 भौतिक विज्ञान, बी0 एड0 अध्ययनरत हाल ही में मुझे अपने विश्व...
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सोमवार, 10 अगस्त 2026

"सरगोशियों के स्वर" का विमोचन

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बिन्सर की सुरम्य वादियों में  बादलों वाले आसमान के नीचे 'फारेस्ट विस्प' में  एक साहित्यिक चर्चा ! गिर्दा कहते थे := “सावनी साँझ आकाश...
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सुशील कुमार जोशी
Almora, Uttarakhand, India
ना कविता लिखता हूँ ना कोई छंद लिखता हूँ अपने आसपास पड़े हुऎ कुछ टाट पै पैबंद लिखता हूँ ना कवि हूँ ना लेखक हूँ ना अखबार हूँ ना ही कोई समाचार हूँ जो हो घट रहा होता है मेरे आस पास हर समय उस खबर की बक बक यहाँ पर देने को तैयार हूँ ।
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