उलूक टाइम्स

रविवार, 19 जुलाई 2026

कल कत्ल हो खबर आज की मगर होनी ही चाहिए

 

इंतहा है बेशरमी की होनी भी चाहिए
शरम निगोड़ी कभी धोनी भी चाहिए

मुहं खोलते ही फैलता है रायता जिसका
ककड़ी हरी हो पीली हो धोनी ही चाहिए

पढ़े लिखे होने का घमंड लिखे में भी दिखे
एक अनपढ़ की जी हजूरी होनी ही चाहिए

गिरना जरूरी है गिरे हुए को और कहीं नीचे
ऊंचाइया देखने में सिर से टोपी गिरनी ही चाहिए

इतिहास में दर्ज होगी फेंकी गई स्याही सरेआम
अनपढ़ सरदार की कलम कबाड़ में बिकनी ही चाहिए

कितना कुछ लिखे कोई क्या लिखे किसपर लिखे 
सब उतार के बैठे की खाल भी  उतरनी ही चाहिए

‘उलूक’ अपनी खीज अपने पर ही उतार ले आज
कल कत्ल हो खबर आज की मगर होनी ही चाहिए | 

चित्र साभार: https://www.reddit.com/