http://blogsiteslist.com
गरजते लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
गरजते लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शनिवार, 1 मार्च 2014

बादल भी कुछ नहीं लिखते बादलों को नहीं होती है घुटन

शायद
ज्यादा अच्छे
होते हैं वे लोग
जो कुछ
नहीं लिखते है

वैसे
किसी के
लिखने से ही
लिखने वाले के
बारे में कुछ
पता चलता हो
ऐसा भी जरूरी
नहीं होता है

पर
कुछ नहीं कहना
कुछ नहीं लिखना
नहीं लिखने वाले
की मजबूती का
पता जरूर देता है

लिखने
से ज्यादा
अच्छा होता है
कुछ करना

कहा
भी गया है
गरजते हैं
जो बादल
बरसते नहीं हैं

बादल
भी तो बहुत
चालाकी करते हैं

जहाँ
बनते हैं
वहाँ से
चल देते हैं

और
बरसते हैं
बहुत दूर कहीं
ऐसी जगह पर
जहाँ कोई
नहीं जानता है
बादल कहाँ
कैसे और
क्यों बनते हैं

एक
बहुत बड़े देश
के कोने कोने के
लोग भी तो
पहुँचते हैं हमेशा
एक नई जगह
और वहाँ बरसते
हुऐ दिखते हैं

कहीं भी
कोई जमीन
नम नहीं होती हैं
ना उठती है
थोड़ी सी भी
सोंधी गंध कहीं से
गीली मिट्टी की

बरसना
बादलों का
बादलों पर और
बरसात का नहीं होना

किसी
को कोई
फर्क भी
नहीं पड़ना

बहुत
कुछ यूँ ही
सिखा देता है
और
बादलों के
देश की
पानी की
छोटी बूँदें भी
सीख लेती हैं
नमीं सोख लेना

क्योंकि
जमीन की
हर बूँद को
खुद के लिये बस
बनना होता है
एक बड़ा बादल

बरसने
के लिये नहीं
बस सोखने
के लिये
कुछ नमीं

जो सब
लिखने से
नहीं आता है

बस
सीखा जाता है
उन बादलों से
जो बरसते नहीं
बस गरजते हैं

बहुत
दूर जाकर
जहाँ किसी को
फर्क नहीं पड़ता है

बिजली
की चमक से
या
घड़धड़ाहट से

बादल
भी कहाँ
लिखते हैं कुछ
कभी भी कहीं भी ।

LinkWithin

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...