आज गधों पर
कुछ लिखने का
मन कर रहा है
पर बहन जी का
बहुत डर लग रहा है
उल्लू बिल्ली मुर्गी
पर लिखते हो कहकर
नाराजगी एक दिन
वो जता रही थी
इसीलिये हमारी
हिम्मत यहाँ आकर
बोल ही जा रही थी
गधे वैसे तो बहुत
काम के आदमी
हमेशा से बताये
जाते रहे हैं
इसीलिये धोबी
के खानदान के
साथ अभी तक
चलते आ रहे हैँ
आदमी जब एक
गधा हो जाता है
तो लगता है जैसे
कोई गाली खाता है
क्या करें गधे टाईप
के आदमियों के बीच
में जब कोई फंस
ही कहीं जाता है
तो गधा हूँ
इसीलिये तो यहाँ हूँ
कहता है और
मुस्कुराता है
गधों के किये
गये कामों पर
टल्लियाँ लगाता
चला जाता है
ना कुछ कर पाता है
ना ही कुछ कह पाता है
बस गधों की किस्मत
से खार खाता है
अगले जनम मोहे
गधा ही कीजो
कि बिनती हाथ जोड़
प्रभू के द्वार पर लगाता है।
कुछ लिखने का
मन कर रहा है
पर बहन जी का
बहुत डर लग रहा है
उल्लू बिल्ली मुर्गी
पर लिखते हो कहकर
नाराजगी एक दिन
वो जता रही थी
इसीलिये हमारी
हिम्मत यहाँ आकर
बोल ही जा रही थी
गधे वैसे तो बहुत
काम के आदमी
हमेशा से बताये
जाते रहे हैं
इसीलिये धोबी
के खानदान के
साथ अभी तक
चलते आ रहे हैँ
आदमी जब एक
गधा हो जाता है
तो लगता है जैसे
कोई गाली खाता है
क्या करें गधे टाईप
के आदमियों के बीच
में जब कोई फंस
ही कहीं जाता है
तो गधा हूँ
इसीलिये तो यहाँ हूँ
कहता है और
मुस्कुराता है
गधों के किये
गये कामों पर
टल्लियाँ लगाता
चला जाता है
ना कुछ कर पाता है
ना ही कुछ कह पाता है
बस गधों की किस्मत
से खार खाता है
अगले जनम मोहे
गधा ही कीजो
कि बिनती हाथ जोड़
प्रभू के द्वार पर लगाता है।