उलूक टाइम्स: गोष्ठी

सोमवार, 26 दिसंबर 2011

गोष्ठी

संगोष्ठी में
निमंत्रित
किये गये
ईश्वर गौड
और अल्ला
क्रिसमस की
पूर्व संध्या थी
होना ही
था हल्ला
केक काटे गये
संगीत हुवा
ड्रिंक्स कैसे
नहीं बंटते
भला
बातों बातों में
प्रश्न हुवा
बातों का हमारी
आदमी को
कैसे पता
चला
स्टिग आप्रेशन
आदमी
की थी
कारस्तानी
मामला
जब खुला
सभी प्रतिभागी
एकमत थे
बहुमत से
आदमी को
नहीं माना
गया बला
बनाया हमने
पढ़ाया हमने
लड़ाया हमने
भुगतेगा
जैसा चाहो
आप सभी
कल मिल
कर ले आते हैं
चलो एक
जलजला।

6 टिप्‍पणियां:

  1. जी नमस्ते ,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार(०१-०८-२०२१) को
    'गोष्ठी '(चर्चा अंक-४१४३)
    पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित है।
    सादर

    जवाब देंहटाएं
  2. बनाया हमने
    पढ़ाया हमने
    लड़ाया हमने
    भुगतेगा
    जैसा चाहो
    आप सभी
    कल मिल
    कर ले आते हैं
    चलो एक
    जलजला।
    बस काफी है नाम और वोट कमाने के लिए ऐसा जलजला
    वाह!!!
    लाजवाब।औ

    जवाब देंहटाएं
  3. वाह अति सारगर्भित सृजंन।

    प्रणाम सर
    सादर।

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  4. गोष्ठी बहुत ही बढ़िया रही सर 👌
    सादर नमस्कार।
    सादर

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