बहुत ही रोचक और ज्ञानवर्धक परिचर्चा ! श्री विश्वमोहन कुमार और श्री पूरन जोशी ने प्रोफ़ेसर सुशील जोशी की कविताओं को गहराई से समझा है. प्रोफ़ेसर सुशील जोशी ने अपनी कविताओं में अपने इर्दगिर्द हुई घटनाओं का बेबाकी से विश्लेषणात्मक वर्णन किया है. मैं 'सरगोशियों के स्वर' की सफलता की आहट सुन रहा हूँ.
बहुत सार्थक चर्चा! विश्व मोहन जी एवं आपने समाँ बाँध दिया।
जवाब देंहटाएंडॉ पूरन
अल्मोड़ा
बहुत ही रोचक और ज्ञानवर्धक परिचर्चा ! श्री विश्वमोहन कुमार और श्री पूरन जोशी ने प्रोफ़ेसर सुशील जोशी की कविताओं को गहराई से समझा है.
जवाब देंहटाएंप्रोफ़ेसर सुशील जोशी ने अपनी कविताओं में अपने इर्दगिर्द हुई घटनाओं का बेबाकी से विश्लेषणात्मक वर्णन किया है.
मैं 'सरगोशियों के स्वर' की सफलता की आहट सुन रहा हूँ.