अच्छा है
सफेद पन्ने पर खींचना कुछ लकीरें
सफेद कलम से सफाई के साथ
किसे समझनी होती हैं लकीरें
फकीरों के रास्ते में हरी दूब हो या मिट्टी
शिकायत चाँद और चाँदनी की भी
करे कोई तो क्या करे
अपनी अपनी आँखों से
हर कोई देखता है नीम को
अब देख कर भी नीम की हरियाली से
कढ़वाहट आ रही है कहे कोई
तो कोई क्या कहे और क्या करे
व्हिस्की दिवस है सुना आज
पीने वाले क्या कर रहे होंगे
कौन पता करे
किससे पता करे कितना पता करे
घोड़े दबाने के शौक रखने वाले
बड़े शौक से बनाते हैं आदमी को बंदूक
घर से लेकर गली मोहल्ले और शहर में
घोड़े हर जगह
चार टाँग और एक पूँछ वाले मिलें
ये भी कौन सा जरूरी है
मिलें भी तो घोड़े भी करें तो क्या करें
सारी आग लिखने की सोचते सोचते
बची हुई राख लिख लेने के बाद
कौन ढूँढे चिंगारी
बचे खुचे जले बुझे में क्यों ढूँढे सब कुछ
पता होना जानना देखना
वो सब जो सब देखते हैं
देखने वाले भी क्या करेंं
बेवकूफों की तरह
रोज का रोज कह देने वालों की लाईन
अकेला बना कर
खुद अपनी छाती पीटने
वालों का कोई करे तो क्या करे
कोई इलाज नहीं है उलूक तेरा
शरीफों के बीच शरीफ कुछ करें
तो तेरा क्या करें
नंगों के बीच में जा कर भी
देख कभी
कौन किस तरीके से करे
क्या करे और कैसे करे ।
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