चिट्ठा अनुसरणकर्ता

मंगलवार, 30 सितंबर 2014

तोते के बारे में तोता कुछ बताता है जो तोते को ही समझ में आता है

तोते
कई तरह
के पाये
जाते है

कई रंगों में
कई प्रकार के

कुछ छोटे
कुछ
बहुत ही बड़े

तोतों का
कहा हुआ
तोते ही
समझ पाते हैं

हरे तोते
पीले तोते
की बात
समझते हैं

या पीले
पीले की
बातों पर
अपना ध्यान
लगाते हैं

तोतों को
समझने
वाले ही

इस सब पर
अपनी राय
बनाते हैं

किसी किसी
को शौक
होता है
तोते पालने का

और
किसी को
खाली
पालने का
शौक दिखाने का

कोई मेहनत
कर के
तोतों को
बोलना
सिखा ले
जाता है

उसकी
अपनी सोच
के साथ
तोता भी
अपनी सोच
को मिला
ले जाता है

किसी घर से
सुबह सवेरे
राम राम
सुनाई दे
जाता है

किसी घर
का तोता
चोर चोर
चिल्लाता है

कोई
सालों साल
उल्टा सीधा
करने के
बाद भी
अपने तोते
के मुँह से
कोई आवाज
नहीं निकलवा
पाता है

‘उलूक’ को
क्या करना
इस सबसे

वो जब
उल्लुओं
के बारे में
ही कुछ
नहीं कह
पाता है

तो
हरों के हरे
और
पीलों के पीले
तोतों के बारे में
कुछ पूछने पर

अपनी पूँछ को
अपनी चोंच पर
चिपका कर

चुप
रहने का संकेत
जरूर दे जाता है

पर तोते तो
तोते होते हैं

और
तोतों को
तोतों का
कुछ भी
कर लेना

बहुत अच्छी
तरह से
समझ में
आ जाता है ।

चित्र साभार: http://www.www2.free-clipart.net/

8 टिप्‍पणियां:

  1. सुंदर प्रस्तुति...
    दिनांक 2/10/2014 की नयी पुरानी हलचल पर आप की रचना भी लिंक की गयी है...
    हलचल में आप भी सादर आमंत्रित है...
    हलचल में शामिल की गयी सभी रचनाओं पर अपनी प्रतिकृयाएं दें...
    सादर...
    कुलदीप ठाकुर

    जवाब देंहटाएं
  2. सब को नवदुर्गा-पर्व की शुभकामना ! आज के वृद्ध-दिवस की वधाई सभी वरिष्ठ नागरिकों को !अच्छी प्रस्तुति !

    जवाब देंहटाएं
  3. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 2-10-2014 को चर्चा मंच पर चर्चा तुगलकी फरमान { चर्चा - 1754 } में दिया गया है
    आभार

    जवाब देंहटाएं
  4. भाई जी आप तो तो कमाल ही लिखते हैं ---- बहुत खूब

    जवाब देंहटाएं
  5. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
    --
    अष्टमी-नवमी और गाऩ्धी-लालबहादुर जयन्ती की हार्दिक शुभकामनाएँ।
    --
    दिनांक 18-19 अक्टूबर को खटीमा (उत्तराखण्ड) में बाल साहित्य संस्थान द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय बाल साहित्य सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
    जिसमें एक सत्र बाल साहित्य लिखने वाले ब्लॉगर्स का रखा गया है।
    हिन्दी में बाल साहित्य का सृजन करने वाले इसमें प्रतिभाग करने के लिए 10 ब्लॉगर्स को आमन्त्रित करने की जिम्मेदारी मुझे सौंपी गयी है।
    कृपया मेरे ई-मेल
    roopchandrashastri@gmail.com
    पर अपने आने की स्वीकृति से अनुग्रहीत करने की कृपा करें।
    डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
    सम्पर्क- 07417619828, 9997996437
    कृपया सहायता करें।
    बाल साहित्य के ब्लॉगरों के नाम-पते मुझे बताने में।

    जवाब देंहटाएं

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