चिट्ठा अनुसरणकर्ता

गुरुवार, 13 जून 2019

अपने अपने मतलब अपनी अपनी खबरें अपना अपना अखबार होता है बाकी बच गया इस सब से वो समाचार होता है

कागज
पर लिखा

जमीन का
कुछ भी

उसके लिये
बेकार होता है

चाँद तारों
पर जमा जमाया

जिसका
कारोबार होता है

दुनियाँ
जहाँ पर
नजर रखता है

बहुत ज्यादा
समझदार होता है

घर की
मोहल्ले की बातें

छोटे लोगों का
रोजगार होता है

बेमतलब
कुछ भी
कह डालिये

तुरंत
पकड़ लेता है
कलाकार होता है

मतलब
की छान

बचा
लौटा देता है

जितने
से उसका
सरोकार होता है

भीड़
के शोर का
फर्क नहीं पड़ता है

चुगलखोर
आदत से
लाचार होता है

दिख
नहीं रहा है

कुछ कह
नहीं रहा है

का मतलब

सुधर जाने
का संकेत
नहीं होता है

ऊपर नीचे
होता हुआ
बाजार होता है

गिरोह
यूँ ही नहीं
बनता है
एक जैसों का

चोर
का साथी
गिरहकट जैसी

पुरानी
कहावत के लिये

पुराना सरदार
जिम्मेदार होता है

तकनीक
का जमाना है

हाथ
साफ होते हैं

कोयले का
व्यापार होता है

‘उलूक’
की खींसे
होती नहीं हैं

क्या निपोरे

चुगलखोरी
की अपनी
आदत से

बस
लाचार होता है ।

चित्र साभार: apps.apple.com

16 टिप्‍पणियां:

  1. चुगलखोर
    आदत से
    लाचार होता है

    दिख
    नहीं रहा है

    कुछ कह
    नहीं रहा है
    सादर नमन..

    जवाब देंहटाएं
  2. मतलब का छानकर
    बाकी बचा वापस लौटाने वाला
    बेमतलब की बातों का
    कद्रदान होता है।
    किसिम किसिम के लोग यहाँ
    चश्मा चढ़ाये दिमाग पर
    बुद्धिजीवी बुद्धि से ठसाठस
    खदान होता है।

    जवाब देंहटाएं
  3. नादान उलूक व्यावहारिक बिलकुल भी नहीं है. उसे वेदर-कॉक की तरह से हवा का रुख पहचानना आता ही नहीं है वरना वह अब तक किसी विश्वविद्यालय का कुलपति ही नहीं, बल्कि मानव-संसाधन मंत्री बन जाता. जिसे कुर्सी-धारियों की बेहूदा से बेहूदा बातों पर खींसे निपोरना न आता हो, जिसे दुम हिलाना न आता हो, जो सत्ता की चकाचौंध से डर गुमनामी के अँधेरे में छुपा बैठा रहता हो, उसे ही उलूक कहा जाता है.

    जवाब देंहटाएं
  4. क्या निपोरे

    चुगलखोरी
    की अपनी
    आदत से

    बस
    लाचार होता है ।
    सादर नमन

    जवाब देंहटाएं
  5. जी नमस्ते,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (15 -06-2019) को "पितृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ" (चर्चा अंक- 3367) पर भी होगी।

    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    आप भी सादर आमंत्रित है

    ….
    अनीता सैनी

    जवाब देंहटाएं
  6. वाह ... कहाँ कहाँ स्वे मोड़ कर फिर ट्रेक पर ले आये आप ...
    क्या बात ...

    जवाब देंहटाएं
  7. बेहतरीन हमेशा की तरह ,सादर नमस्कार

    जवाब देंहटाएं

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