उलूक टाइम्स: मजबूत मजबूर मशहूर में से कौन सा और किस का दिवस ?

शुक्रवार, 1 मई 2015

मजबूत मजबूर मशहूर में से कौन सा और किस का दिवस ?

आज
पहली बार
सुना हो ऐसा
भी नहीं है

हर वर्ष
इसी दिन
सुनाई दिया है

मजबूती से
सुनाई दिया है

एक मजबूत
दिवस है आज
मजदूर दिवस है
मेहनत कशों
का दिवस है

उर्जा होती ही
है दिवस में

समझ में
मजदूर लेकिन
आज तक
नहीं आ पाया है

मजबूरियाँ
मगर
नजर आई हैं
समझ में भी आई हैं

कुछ
करने के लिये
सच में
चाहिये होता है
एक बहुत बड़ा
विशाल कलेजा

वो कभी ना
हो पाया है
ना ही लगता है
कभी हो पायेगा
जो कर पाये
अपने आसपास
के झूठों से
सच में प्रतिकार

उठा सके
ज्यादा नहीं
बस एक ही आवाज

जोर शोर
से नहीं
कुछ हल्की
सी ही सही

ना जा पाये
दूर तलक
ना लौटे
टकरा कर
कहीं दीवार से

कोई बात नहीं
सुनकर मजदूर
मजबूर जैसा
ना महसूस हो
मजदूर ही हो
सुनाई देने में भी
मजबूत हो
मशहूर ना हो पाये
जरूरी भी नहीं है ।

चित्र साभार: www.thewandererscarclub.com

18 टिप्‍पणियां:

  1. सार्थक और सटीक
    बेहद उम्दा
    सादर

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  2. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार (03-05-2015) को "कौन सा और किस का दिवस" (चर्चा अंक-1964) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक
    ---------------

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  3. उलूक टाइम्स की एक और बेहतरीन रचना।

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  4. आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" में शुक्रवार 01 मई 2020 को साझा की गयी है......... पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  5. बहुत खूबसूरत रचना, मजबूत-मजबूर और मजदूर दिवस

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  6. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों के आनन्द रविवार 25 जनवरी , 2026 को लिंक की जाएगी .... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!

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  7. काश मजदूर मजबूर नहीं मशहूर हो जाए
    बहुत सुन्दर सार्थक सृजन
    वाह!!!

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