उलूक टाइम्स: ऐरे गैरे के लिखे ऐसे वैसे को काहे कहीं भी यूँ ही उठा कर के ले जाना है अलग बात है अगर किसी को कूड़ा घर घर पर ही बनाना है

चिट्ठा अनुसरणकर्ता

मंगलवार, 25 फ़रवरी 2020

ऐरे गैरे के लिखे ऐसे वैसे को काहे कहीं भी यूँ ही उठा कर के ले जाना है अलग बात है अगर किसी को कूड़ा घर घर पर ही बनाना है

जरूरी है
घिसना
चौक
काले श्यामपट
पर

पढ़ाना
नहीं है
ना ही कुछ
लिखना है

कुछ लकीरें
खींच कर
गिनना
शुरु
कर देना है

कोई
पूछे अगर
क्या
गिन रहे हैं
शर्माना नहीं है

कह देना है
 मुँह पर
ही

लाशें

किसकी
कोई पूछे
तो
बता देना है

अपने
घर के
किसी की
नहीं है

मातम
कहीं
दिख रहा हो
तो
पूछने
जरूर जाना है

कौन
मरा है
जात
सुनना है
 और
अट्टहास करना है
खिलखिलाना है

बातें
करना है
 मन की मन
से
जरूरी है
इधर उधर
ना जाना है
 मन की
बातों से
छ्नी बातों को
रास्तों में बिछाना हैं

अपने बनाये
भगवान के
गुण गाना है

घर का
कोई नहीं मरा है
सोच कर
 तालियाँ बजाना है

‘उलूक’
उल्लू के पट्ठे
के
लिखे लिखाये
के
चक्कर में
नहीं
 पड़ना है

अपना घर
अपनों से

बस

आज
बचाना है ।
चित्र साभार: https://www.canstockphoto.com/corpse-5001351.html

12 टिप्‍पणियां:

  1. हिंदू-मुसलमान के खोल में
    मर तो इंसान रहे हैं
    मुहल्ले-गलियों के नाम पे
    घर और मकान जल रहे हैं

    जवाब देंहटाएं
  2. आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज बुधवार 26 फरवरी 2020 को साझा की गई है...... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

    जवाब देंहटाएं
  3. आपने दुःख के पलों का बहुत ही सही चित्रण किया है.
    दुःख पर सर्वश्रेष्ठ सुविचार

    जवाब देंहटाएं
  4. जी नमस्ते,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा सोमवार (28-02-2020) को धर्म -मज़हब का मरम (चर्चाअंक -3625 ) पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित हैं।
    *****
    आँचल पाण्डेय

    जवाब देंहटाएं

  5. मातम
    कहीं
    दिख रहा हो
    तो
    पूछने
    जरूर जाना है
    कौन
    मरा है
    जात
    सुनना है
    और
    अट्टहास करना है
    खिलखिलाना है
    एकदम सटीक....
    मरने वालों में बस अपना न हो तो ....कोई फर्क नहीं पड़ता...
    बहुत सुन्दर...।

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  6. मन की
    बातों से
    छ्नी बातों को
    रास्तों में बिछाना हैं... बहुत बढ़‍िया ल‍िखा जोशी जी

    जवाब देंहटाएं
  7. अपने बनाये
    भगवान के
    गुण गाना है

    बाकी समस्याएं तो बाद में। .अगर बस इक इसी चीज़ से छुटकारा मिल जाए पुरे संसार की आधी से ज़्यदा समस्याएं खतम हो जाएँ


    आज के समय की सच्चाई लिखी है।
    बहुत अच्छी रचना बधाई




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  8. मैंने अभी आपका ब्लॉग पढ़ा है, यह बहुत ही ज्ञानवर्धक और मददगार है।

    मैं एक आयुर्वेदिक डॉक्टर हूँ

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    किसी भी तरह की लाईलाज बिमारी का इलाज किया जाता है।

    Cancer, Kidney Failure, Kidney Stone, piles, Tumor

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  9. बहुत खूब।
    --
    रंगों के महापर्व
    होली की बधाई हो।
    --
    आपके ब्लॉग की फीड आजकल मेरे डैशबोर्ड पर नहीं आ रही है।

    जवाब देंहटाएं