उलूक टाइम्स: संदेश

गुरुवार, 29 अक्तूबर 2009

संदेश


चाँद पे जाना मंगल पे जाना
दुनिया बचाना बच्चो
मगर 
भूल ना जाना ।

मोबाइक में आना मोबाइल ले जाना
कापी पेन बिना लेकिन स्कूल ना जाना ।

केप्री भी बनाना हिपस्टर सिलवाना
खादी का भी थोड़ा सा नाम कुछ बचाना ।

जैक्सन का डांस हो बालीवुड का चांस हो
गांधी टैगोर की बातें कभी तो सुन जाना ।

पैसा भी कमाना बी एम डब्ल्यु चलाना
फुटपाथ मे सोने वालों को ना भूल जाना ।

भगत सिंह का जोश हो सुखदेव का होश हो
आजाद की कुर्बानी जरा बताते चले जाना ।

पंख भी फैलाना कल्पना में खो जाना
दुनिया बनाने वाले ईश्वर को ना भुलाना ।

कम्प्टीशन में आना कैरियर भी बनाना
माँ बाबा के बुढापे की लाठी ना छुटवाना ।


चित्र साभार: 
https://www.vecteezy.com/

15 टिप्‍पणियां:

  1. कहते रहि‍ये जी, आपकी भावनाएं शुभ हैं।

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  2. वाह मित्र. शुरू हुए तो बहुत कुछ कहते ही चले गए...बस ऐसे ही लिखते जाना...कहीं न रुकना...औरों को भी राह दिखाना...
    ---

    अंतिम पढ़ाव पर- हिंदी ब्लोग्स में पहली बार Friends With Benefits - रिश्तों की एक नई तान (FWB) [बहस] [उल्टा तीर]

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  3. सुनते सब हैं
    अच्‍छी लगती हैं
    पर ना पर जाकर
    एकदम रूकती हैं
    इसलिए नाना
    मनती है
    उसी की चलती है

    है ना।

    इतने दिन किस पेड़ की कोटर में रहे।

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  4. waah adbhut rachnaa!!
    भगत सिंह का जोश हो
    सुखदेव का होश हो
    आजाद की कुर्बानी
    जरा बताते चले जाना ।

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  5. AApki kavita mein jo bhaav vyakt hain un se main sahmat hoon . Aaj pachas varshon ke baad bhee wahi , hava wahi fiza , wahi aachar vahi vichar , badlaav aaya hai tho logon ke khoteypan mein , fiza badli hai tho pradooshan ki ore , unnati hui hai tho ladayee jhagdey aur fasad mein , na kee aarthik ya manasik vikass ..bas kavi jee ham aapse sahmat hain ....bas aapki siyahi mein yahee pravah honee chahiyey jo hriday kee peeda ko samaj tak pahunchayey taki ek na ek din badlav tho aana hi padega ! congrats keep it up ..very aptly said .

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  6. Aapne saral bhasha mein bahut hi achha likha ..!! aajkal ki yuva peedhi aage to badh rahi hai..par kis disha mein....??? mujhe lagta hai... pratiyogita ki daud mein hum apna sanskar bhool rahein hain...!! hum aakash mein oochi udhan beshak lein..par apne jud apne naytik moolyon mein majboot gadhe rakhein to vakai.. apni tarrakki ka sahi arth hoga...!!

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  7. सादर अभिवादन!
    --
    बहुत अच्छी प्रस्तुति!
    इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार (27-10-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

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  8. (34-क)
    उलूक टाइम्स से देखिए
    यह उपयोगी
    "संदेश"

    चाँद पे जाना
    मंगल पे जाना
    दुनिया बचाना बच्चो
    भूल ना जाना ।
    मोबाइक में आना
    मोबाईल ले जाना
    कापी पेन बिना
    स्कूल ना जाना ।
    केप्री भी बनाना
    हिप्स्टर सिलवाना
    खादी का थोडा़ सा
    नाम भी बचाना ।
    जैक्सन का डांस हो
    बालीवुड का चांस हो
    गांधी टैगोर की बातें
    कभी तो सुन जाना ।
    पैसा भी कमाना
    बी एम डब्ल्यु चलाना
    फुटपाथ मे सोने वालों
    को ना भूल जाना ।
    भगत सिंह का जोश हो
    सुखदेव का होश हो
    आजाद की कुर्बानी
    जरा बताते चले जाना ।
    पंख भी फैलाना
    कल्पना में खो जाना
    दुनिया बनाने वाला
    ईश्वर ना भुलाना ।
    कम्प्टीशन में आना
    कैरियर भी बनाना
    माँ बाबा के बुढापे
    की लाठी ना छुटवाना।
    (34-ख)/ज्यादा न सही थोड़ी सी बस थोड़ी सी पृथ्वी की व्यथा कथा भी बताना ,भ्रष्टाचार की वहां थाने में रिपोर्ट लिखवाना ,बतलाना वहां देश का सब काम रिमोट करता है .आदमी किसी और की सूरत तकता है .
    उलूक टाइम्स नये कीर्तिमान बना रहा है .

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  9. जी नमस्ते ,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा शनिवार (१८-०७-२०२०) को 'साधारण जीवन अपनाना' (चर्चा अंक-३७६६) पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित है
    --
    अनीता सैनी

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  10. युवा पीढ़ी को आधुनिक सोच के साथ सांस्कृतिक मूल्य
    बहुत खूब

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  11. वाह!सर ,बहुत खूब । हमेशा से कुछ अलग-सा ।

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  12. वाह आधुनिकता के रंग में रची बसी जबरदस्त रचना कहीं ना कहीं मानवीय लक्ष्मी की और हमारे अनदेखे पर का इशारा समझा रही है

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