उलूक टाइम्स: कुछ सजीव लिखें कुछ अजीब लिखें कुछ लगाम लिखें कुछ बेलगाम लिखें

चिट्ठा अनुसरणकर्ता

सोमवार, 7 अक्तूबर 2019

कुछ सजीव लिखें कुछ अजीब लिखें कुछ लगाम लिखें कुछ बेलगाम लिखें

कुछ
उठती उनींदी
सुबह लिखें

कुछ
खोती सोती
शाम लिखें

कुछ
जागी रातों
के नाम लिखें

कुछ
बागी सपनों
के पैगाम लिखें

कुछ
बहकी साकी
के राम लिखें

कुछ
आधे खाली

कुछ
छलके जाम लिखें

कुछ
लिखने
ना लिखने
की बातों में से

थोड़ा
सा कुछ
खुल कर
सरेआम लिखें

कुछ
दर्द लिखें
कुछ खुशी लिखें

कुछ
सुलझे प्रश्नों
के उलझे
इम्तिहान लिखें

कुछ
झूठ लिखें
कुछ टूट लिखें

कुछ
रस्ते कुछ
कुछ सच के
कुछ अन्जान लिखें

कुछ
बनते बनते से
कुछ शैतान लिखें

थोड़े से

कुछ
मिट्ठी से उगते
इन्सान लिखें

कुछ
कुछ लिखते
लिखते कुछ
खुद की बातें

‘उलूक’

कुछ
बातें उसकी
कुछ उससे
पहचान लिखें।

चित्र साभार: https://pngio.com

12 टिप्‍पणियां:

  1. कुछ तो लिखें !!! बेहतरीन संदेश।
    सादर।

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  2. सादर नमन
    विजयादशमी की शुभकामनाएँ
    रावण...
    कुछ
    बातें उसकी
    कुछ उससे ही पूछकर
    उसकी पहचान लिखें।
    वो रावण
    ईमानदार और सदाचारी था

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  3. लिखते रहे ... लिखना ही जीवन है ... हल पल, हर लम्हा ... हर बात ... हर राज़ ... सब लिखें ... जरूर लिखें ... बहुत खूब भी लिखें ...

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  4. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बुधवार (09-10-2019) को    "विजय का पर्व"   (चर्चा अंक- 3483)     पर भी होगी। --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है। 
     --विजयादशमी कीहार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'  

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  5. आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज मंगलवार 08 अक्टूबर 2019 को साझा की गई है......... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  6. इस बेलगाम लेखन हेतु आप सतत बधाई के पात्र है। विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं आदरणीय ।

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  7. कुछ
    सुलझे प्रश्नों
    के उलझे
    इम्तिहान लिखें

    हमेसा की तरह कुछ अलग ,सुंदर सृजन ,सादर नमन सर

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  8. उलूक ऐसा करने की सलाह तो दे रहा है लेकिन क्या वो परीक्षार्थियों का ऐसा फ्री-स्टाइल बर्दाश्त करेगा?
    सामने कार चलाता हुआ नौजवान अगर उसकी बात मान गया तो फिर कल से उसका कॉलम कौन लिखेगा?
    उलूक की बात हमारे हुक्मरानों ने मान ली है लेकिन उसकी हम क्या कीमत चुका रहे हैं, यह सारा ज़माना जानता है.

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  9. कुछ
    सुलझे प्रश्नों
    के उलझे
    इम्तिहान लिखें

    beautiful writing

    बहुत सरल मगर गहन 
    सबसे अच्छी बात ये के आपके ब्लॉग पर आते ही सबसे पहले अपना पसंदीदा शेर बड़ा "उल्लू " वाला :D 
    बधाई अच्छा रचना के लिए 

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