उलूक टाइम्स: घर के कुत्ते ने शहर के कुत्ते के ऊपर भौंक कर आज अखबार के पन्ने पर जगह पाई है बधाई है ‘उलूक’ बधाई है

मंगलवार, 2 फ़रवरी 2021

घर के कुत्ते ने शहर के कुत्ते के ऊपर भौंक कर आज अखबार के पन्ने पर जगह पाई है बधाई है ‘उलूक’ बधाई है


अखबार में
फोटो आई है
सारा घर मगन है

मालिक
कभी दिखाया नहीं जाता है
घर के कुत्ते ने बहुत धूम मचाई है

घर में
भौंकता नहीं है कभी
कटखन्ने होने की मिठाई है

किसी को
 कभी काटा नहीं
किसी को कभी भौंका नहीं
अपने को बचाने की कीमत मिली है
या
किसी ने कीमत चुकाई है

बजट
अभी अभी निकला है
जनता समझ नहीं पायी है

कुत्ते कुत्ते
पट्टे पट्टे
खबर किस ने पहुंचाई है
खबर
मगर लाजवाब आई है

मालिक की
खबर की जगह
एक कुत्ते की खबर
हमेशा पव्वे के सहारे
अद्धे ने पहुंचाई है

कुत्ता
घूमता रहता है शहर शहर
मालिक की आज बन आई है

कुत्ते ने
अखबार में जगह पा कर
मालिक को दी बधाई है

जय जय कार है अखबार की
गजब की खबर एक आज बना के दिखाई है

कुत्ते को पता नहीं है कुछ भी
उसने आज भी उसी तरह अपनी पूंछ हिलाई है
 
मालिक सोच में पड़ा है
उसकी खबर किसने क्यों और कैसे उड़वाई है

‘उलूक’
कुत्ते पाला कर
शहर में भी भेजा कर
अखबारों की जरूरत आज बदल कर
नई सोच उभर कर आई है

अच्छा करना
ठीक नहीं
कुत्ते ने कुत्ते के ऊपर भौंक कर
आज अखबार के पन्ने पर जगह पाई है ।

34 टिप्‍पणियां:

  1. इस टिप्पणी को लेखक ने हटा दिया है.

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  2. आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" ( 2028...कलेंडर पत्र-पत्रिकाओं में सिमट गया बसंत...) पर गुरुवार 04 फ़रवरी 2021 को साझा की गयी है.... पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  3. आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन  में" आज बुधवार 03 फरवरी को साझा की गई है.........  "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  4. खबरों के बदलते स्वरूप पर बेहतरीन व्यंग्य।

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  5. कुत्ता है लावारिस हो पालतू
    वफ़ादारी तो उदाहरणार्थ हैं
    भौंकनै वाली प्रजाति और किस्म
    छापकर अख़बार भी कृतार्थ है।
    ----
    प्रणाम सर
    सादर।

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  6. जी नमस्ते ,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल गुरुवार (०४-०२-२०२१) को 'जन्मदिन पर' (चर्चा अंक-३९६७) पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित है।
    --
    अनीता सैनी

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  7. ‘उलूक’
    कुत्ते पाला कर
    शहर में भी भेजा कर
    अखबारों की जरूरत आज बदल कर
    नई सोच उभर कर आई है

    अच्छा करना
    ठीक नहीं
    कुत्ते ने कुत्ते के ऊपर भौंक कर
    आज अखबार के पन्ने पर जगह पाई है ।बहुत खूब सर..बहुत ही बढ़िया व्यंग..

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  8. गज़ब!
    खबरों के गिरते स्तर पर शानदार व्यगंय ।

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  9. रोचक। खबरे बस जगह भरने के लिए ही रह गयी हैं। स्तर तो इनका गिरता जा ही रहा है।

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  10. हमेशा की तरह लाजबाब ,सादर नमन आपको

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  11. कुत्तों के दिन भी फिर रहे हैं ! अभी विदेश से कुछ के भौंकने की खबर आई है

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  12. वाह भाई जी
    क्या कमाल का कटाक्ष करते हैं
    हमेशा की तरह जबरदस्त

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  13. इंसान - इंसान में ही नहीं,
    कुत्ते - कुत्ते में भी फर्क होता है
    ये बात आपने फिर याद दिलाई है।
    तीखा व्यंग्य।

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  14. घर में
    भौंकता नहीं है कभी
    कटखन्ने होने की मिठाई है
    किसी को
    कभी काटा नहीं
    किसी को कभी भौंका नहीं
    अपने को बचाने की कीमत मिली है
    या
    किसी ने कीमत चुकाई है
    बस ये कीमत का असर है...कीमत पाकर तो गूँगे भी बोल पड़ते हैं फिर ये तो कुत्ते की वफाई है....।
    वाह!!!
    लाजवाब।

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  15. बहुत ही शानदार व्यंग्य प्रदान किया अपने. शुक्रिया!
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  16. अपने टाइटल से ही कही पर निगाहें कहीं पर निशाना ठोक देते हैं आप ...
    बहुत तीखी रचना है ... लाजवाब ...

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