इसका लिखना
उसके लिखने से कुछ ज्यादा सफेद है
काला कौआ लिखता है
कबूतर लिखे
कह दे गलत लिख दिया खेद है
उसके लिखने से कुछ ज्यादा सफेद है
काला कौआ लिखता है
कबूतर लिखे
कह दे गलत लिख दिया खेद है
जो उतरता है आसमान से
उसे लिखने की हिम्मत करें
किसी की जमीन खोद कर
निकले हुऐ कुछ पत्थर लिखना फरेब है
उसे लिखने की हिम्मत करें
किसी की जमीन खोद कर
निकले हुऐ कुछ पत्थर लिखना फरेब है
वो बहुत खूबसूरत है सबको पता है
सब लगे हैं देखने में उसे लेकर चिराग हाथ में
भूल कर वो चाँद है पागल हुआ हर एक है
सब लगे हैं देखने में उसे लेकर चिराग हाथ में
भूल कर वो चाँद है पागल हुआ हर एक है
हर किसी के आस पास है चाँद ही है
नजर नजदीक की बहुत ही खराब है
सबको बता रहा है फर्जी समझाता हुआ नेक है
सीधी लकीर
किस लिये लिखनी किसके लिये लिखनी
कुछ टेढ़ा सा लिखना बहुत जरूरी है
उसका दिमाग है बहुत ही तेज है
कुत्ते गिन रहा है शहर के सारे
किस की हिम्मत है पूछ ले
गधे भी है घूमते हैं गली में बड़े बड़े हैँ
शोर जिनका देश है विदेश है
कुछ भी लिख देने का फैशन है
लिख रहे हैं कुछ गधे
कुछ शेर कुछ बकरियाँ
मगर खबर मेंं कुत्तों पर आजकल
नजर विशेष है
‘उलूक’ कुछ तो किया कर शरम
कुछ लिहाज
लिखते समय लिखने लिखाने वालों का
ये क्या हुआ
कुछ ऐसा लिख दिया कुछ ना निकले मतलब
एक लम्बे लिखे वाक्य का
अंत में कह दिया हो जिसमें
माफ कर देना लिख दिया इतना बहुत खेद है
कुछ लिहाज
लिखते समय लिखने लिखाने वालों का
ये क्या हुआ
कुछ ऐसा लिख दिया कुछ ना निकले मतलब
एक लम्बे लिखे वाक्य का
अंत में कह दिया हो जिसमें
माफ कर देना लिख दिया इतना बहुत खेद है
चित्र साभार: https://myinnerowl.com/
'सरगोशीयों के स्वर' में मुद्रित 70 पृ167

कल जो लिखा, उसके लिए आज खेद है.
जवाब देंहटाएंऐ रावण ! तेरे साधु-वेश के पीछे क्या भेद है?
छुप छुपा के सारा छुपा हुआ कह गई आपकी ये उत्कृष्ट रचना। नायाब तरीका।नमन आपको ।
जवाब देंहटाएंकाश यह खेद सबको हो जाए।
जवाब देंहटाएंकुछ टेड़ा सा लिखना बहुत जरूरी है.............. किसी को सीधा करने के लिए
जवाब देंहटाएंबहूत सुंदर।
जवाब देंहटाएंजी नमस्ते ,
जवाब देंहटाएंआपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल बुधवार (२३-0६-२०२१) को 'क़तार'(चर्चा अंक- ४१०४) पर भी होगी।
आप भी सादर आमंत्रित है।
सादर
कैसे इतनी गहराई है लेखन में
जवाब देंहटाएंसदैव सोचती हूँ मैं
अंत में कह दिया हो जिसमें
जवाब देंहटाएंमाफ कर देना लिख दिया इतना बहुत खेद है, बहुत सटीक बात लिखी है सर आपने,,आपकी लेखनी को नमन ।
सटीक लेखन
जवाब देंहटाएंसटीक सृजन । हमेशा की तरह लाजवाब ।
जवाब देंहटाएंसटीक अभिव्यक्ति
जवाब देंहटाएंबहुत सुंदर
जवाब देंहटाएंकुछ ऐसा लिख दिया जिसका निकले न कोई मतलब .....लेकिन आपके हर लिखे का मतलब होता है ..
जवाब देंहटाएंहमेशा की तरह.... कुछ-कुछ में छुपा बहुत कुछ ,सादर नमन आपको सर
जवाब देंहटाएंसच है आजकल खेद है कह कर ही माफ़ी हो जाती है ... जैसे की माफ़ी माँग ली हो ... बहुत कुछ कहने का प्रयास ...
जवाब देंहटाएंअरे, खेद काहे का?लिखना तो अधिकार है हमारा;जो न पढ़े, वह एहसान फ़रामोश.
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