उलूक टाइम्स: अल्विदा ‘ऐलैक्सा’

शनिवार, 30 अप्रैल 2022

अल्विदा ‘ऐलैक्सा’

अल्विदा ‘ऐलैक्सा’ एक मई से अवकाश में जा रही हो आभार हौसला अफजाई के लिये एक लम्बे अर्से से आभासी दुनियाँ के आभासी पन्नों का साथ निभा रही हो
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18 टिप्‍पणियां:

  1. अलविदा ऐलैक्षा। सच मे ये रैंक देखने की एक अलग ही इच्छा रहती है। हमारी साइट कौन से नम्बर पर है यह उत्सुकता बनी रहती थी। अब ऐसा नही होगा।

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  2. कल से ये सब नजर में नहीं आ पायेगा
    लेकिन ऐलैक्सा तेरी याद हमेशा ही रहेगी
    तेरा किया गया काम खाली नहीं जायेगा
    सादर नमन

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  3. भावपूर्ण विदाई…, सुन्दर सृजन ।

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  4. आदरनीय सुशील जी,बहुत आश्चर्य हुआ सुन कर कि अलेक्सा की विदाई हो रही। यदि ये सच है तो निश्चित रूप से मन भारी होना ही चाहिये! इसने हर उम्र,हर स्तर के लोगों को प्रभावित और उल्लसित दोनों किया है।एलेक्सा का ये विदाई गीत्त बहुत भावुक करने वाला है।

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  5. लेकिन इस विदाई की क्या जरूरत है समझ नहीं आया!!क्या इसका कोई और विकल्प है???

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  6. एलेक्सा रैंक जैसा भी कुछ होता है,इसका ज्ञान ही नहीं था, शायद इसीलिए कहते हैं नो न्यूज़ इज़ गुड न्यूज़

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  7. वाकई भारी मन वाली बात तो है ऐलैक्सा की विदाई !रैंकिंग में पिछड़े हम जैसों ने तो ऐलैक्सा की सुध ऐसे छोड़ी कि विदाई का पता भी ना चला... सुन्दर विदाई गीत के माध्यम से जानकारी शेयर करने हेतु अत्यंत आभार आपका...
    साथ ही अन्य चैनल के पायदान के नम्बर की जानकारी भी बड़े रोचकता से बताई है
    लाजवाब सृजन।

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  8. नयी जानकारी, साधुवाद
    ..
    ‘उलूक टाइम्स’ करोड़ों पन्नो के बीच
    एक लाख उनसठ हजार आठ सौ अठत्तर पर आज नजर आता है
    -कैसे ?
    मुझे अपने ब्लॉग का पता करना हो तो...

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  9. नमस्ते,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा सोमवार 16 मई 2022 को 'बुद्धम् शरणम् आइए, पकड़ बुद्धि की डोर' (चर्चा अंक 4432) पर भी होगी। आप भी सादर आमंत्रित है। 12:01 AM के बाद आपकी प्रस्तुति ब्लॉग 'चर्चामंच' पर उपलब्ध होगी।

    चर्चामंच पर आपकी रचना का लिंक विस्तारिक पाठक वर्ग तक पहुँचाने के उद्देश्य से सम्मिलित किया गया है ताकि साहित्य रसिक पाठकों को अनेक विकल्प मिल सकें तथा साहित्य-सृजन के विभिन्न आयामों से वे सूचित हो सकें।

    यदि हमारे द्वारा किए गए इस प्रयास से आपको कोई आपत्ति है तो कृपया संबंधित प्रस्तुति के अंक में अपनी टिप्पणी के ज़रिये या हमारे ब्लॉग पर प्रदर्शित संपर्क फ़ॉर्म के माध्यम से हमें सूचित कीजिएगा ताकि आपकी रचना का लिंक प्रस्तुति से विलोपित किया जा सके।

    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।

    #रवीन्द्र_सिंह_यादव

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  10. उतार भी आयेंगे चढाव भी बहलायेंगे
    ठहराव भी दिखेंगे इतिहास लिखे जायेंगे
    कई पहलुओं से भरे हुऐ इस आभासी दुनियाँ के पन्नों में
    ऐलैक्सा के छोड़े हुऐ निशान कई छाप छोड़ जायेँगे

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  11. ऐसी भावभीनी विदाई!!! एलेक्सा भी खुद पर नाज करती रहेगी अपने चाहने वालों को सोचकर।

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  12. आपके द्वारा एलेक्सा की रेंक काफ़ी बार पढ़ी, उत्साहित हृदय ने काफ़ी बार शब्द बिखरे हैं आज भावभीनी विदाई मन को छू गई।
    बेहतरीन सृजन 👌

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  13. मैं भी शायद उन्ही लोगों में से हूं जिन्हें विदाई के वक्त उसके अस्तित्व का पता चला,सादर नमस्कार 🙏

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  14. अक्सर विदाई पर भावुक, निःशब्द हो जाते हैं इसलिए इस पर क्या लिखे कुछ नहीं सूझा।
    अलेक्सा के बारे में पहली बार आपके ही ब्लॉग से जाने थे सर।
    आपकी रचना हमेशा की तरह सबसे अलग है।

    प्रणाम सर
    सादर।

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