इंतहा है बेशरमी की होनी भी चाहिए
शरम निगोड़ी कभी धोनी भी चाहिए
मुहं खोलते ही फैलता है रायता जिसका
ककड़ी हरी हो पीली हो धोनी ही चाहिए
पढ़े लिखे होने का घमंड लिखे में भी दिखे
एक अनपढ़ की जी हजूरी होनी ही चाहिए
गिरना जरूरी है गिरे हुए को और कहीं नीचे
ऊंचाइया देखने में सिर से टोपी गिरनी ही चाहिए
इतिहास में दर्ज होगी फेंकी गई स्याही सरेआम
अनपढ़ सरदार की कलम कबाड़ में बिकनी ही चाहिए
कितना कुछ लिखे कोई क्या लिखे किसपर लिखे
सब उतार के बैठे की खाल भी उतरनी ही चाहिए
‘उलूक’ अपनी खीज अपने पर ही उतार ले आज
कल कत्ल हो खबर आज की मगर होनी ही चाहिए |
शरम निगोड़ी कभी धोनी भी चाहिए
मुहं खोलते ही फैलता है रायता जिसका
ककड़ी हरी हो पीली हो धोनी ही चाहिए
पढ़े लिखे होने का घमंड लिखे में भी दिखे
एक अनपढ़ की जी हजूरी होनी ही चाहिए
गिरना जरूरी है गिरे हुए को और कहीं नीचे
ऊंचाइया देखने में सिर से टोपी गिरनी ही चाहिए
इतिहास में दर्ज होगी फेंकी गई स्याही सरेआम
अनपढ़ सरदार की कलम कबाड़ में बिकनी ही चाहिए
कितना कुछ लिखे कोई क्या लिखे किसपर लिखे
सब उतार के बैठे की खाल भी उतरनी ही चाहिए
‘उलूक’ अपनी खीज अपने पर ही उतार ले आज
कल कत्ल हो खबर आज की मगर होनी ही चाहिए |
चित्र साभार: https://www.reddit.com/
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आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों के आनन्द में मंगलवार 21 जुलाई, 2026 को लिंक की जाएगी .... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!
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