उलूक टाइम्स

शुक्रवार, 25 मई 2012

नंदू और पैट्रोल

पैट्रोल
के दाम
जब से
हैं बढे़

मुझे
अभी तक
नहीं दिखाई
दिये किसी के
कान खड़े

कल शाम
मैंने सोचा
आज
जब मैं
सड़क के
रास्ते से जाउंगा
गाड़ियांं स्कूटर
मोटरसाईकिल
सब को
गायब पाउंगा

पर सारे
छोरा छोरी
लोग
और जोर के
फर्राटे की
आवाज आज
बना रहे थे
कल तक
एक दो
चक्कर
टकराते थे
आज
सात आठ
चक्कर
लगा रहे थे

स्कूल
पहुंचने पर
किसी ने भी
पैट्रोल की
बात भी नहीं की
कारें सभी
लोगों ने
लाकर
मैदान में
आज जरूर
खड़ी की

ट्रक ट्राँस्पोर्ट
गाड़ियोंं
वाले नेता
जगह जगह
भीड़ लगवा रहे थे

पुतले सरकार
के बना बना कर
आग भी लगाते
जा रहे थे

पैट्रोल की
बात पर
किसी ने
जब मुझे
मुँह नहीं
कहींं लगाया

कामगार
नंदू की याद
ने मुझे घर को
वापस लौटाया

घर जल्दी
आकर
मैंने नंदू से
सहानुभूति
जब जताई

नंदू को
मेरी बात
आज
बिल्कुल भी
समझ में
नहीं आई

बोला
बाबू साहब
पैट्रोल बढे़
गैस बढे़
मेरा कुछ
भी कहीं
नहीं जाने
वाला है

मेरे परिवार
में तो कोई
घासलेट भी
नहीं खाने
वाला है

आप लोग
तो कार
गाड़ी पर
हमेशा जायेंगे

मेरे पैर
के छाले
तुम्हारी
सरकार
को
कहाँ
नजर
आयेंगे।

गुरुवार, 24 मई 2012

अंडा बिक गया

अंडे
एक टोकरी के
अपने को बस
चरित्रवान दिखाते हैं

दूसरी
टोकरी की
मालकिन को
चरित्रहीन बताते हैं

कल
दूसरी टोकरी
के अंडों ने

पहली के
एक अंडे को
फुसला लिया

चरित्रवान अंडा

चरित्रहीन
कहलाये
जाने वाले
अंडों मेंं
मिला लिया

इधर का
एक अंडा
उधर के
एक अंडे का  

रिश्तेदार भी
बताया जाता है

पहली बार
उसने चुराया था

इस बार ये वाला
बदला ले जाता है

आमलेट
बनाने वाले भी
दो तरह के
पाये जाते है

एक
माँसाहारी

दूसरे
माँस के पुजारी
बताये जाते हैं

अंडा
फोड़ों का
हर बार

इन्ही
बातों पर
झग
ड़ा
हो जाता है

ये
झगड़ा करते
रह जाते हैं

इस बीच

इनका
अपना अंडा
इनको ही
धोखा
दे जाता है

अब
पहली
टोकरी में

अंडा
जगह खाली
करके आया है

दूसरी
टोकरी का अंडा

ये बात
मुर्गी रानी को
पहुंचाके आया है

छ:
महीने के भीतर

एक
नया अंडा
मुर्गी लेकर आयेगी

अंडे
से अंडा
लड़वाया जायेगा

जो
जीत जायेगा
उसे टोकरी
का राजा
बनवाया जायेगा

आमलेट
बनाने वाले
फिर
लंगोट पहन
कर आयेंगे

चरित्र दिखा
कर लाइन के
इधर उधर जायेंगे

कब्बडी
एक बार
फिर से
मैदान में
खेली जायेगी

मैदान
के बाहर
अंडे की बोली
लगायी जायेगी

अंडों
के पोस्टर भी
बड़े बड़े
छपवाये जायेंगे

अंडे
उछलते रहेंगे
टोकरी वालों को
गंजा कर चले जायेंगे

अंडे
इस टोकरी से

उस
टोकरी में जायेंगे

टोकरी वाले

अपनी
धोती को
खिसकते हुवे

फिर से
पकड़ 
कर
खिसियायेंगे। 

बुधवार, 23 मई 2012

सुन्दर घड़ीसाज

चंदू वैसे हर
कोण से ऎलर्ट
नजर आता है
हर काम में
अपने को
परफेक्ट
वो बनाता है
मायूस होते
हुवे मैने
उसे कभी
भी नहीं पाया
समय के पाबंद
ने कल जब
अपनी घड़ी को
चलते हुवे
नहीं पाया
हाथ झटकते
हुवे तब थोड़ा
सा वो झल्लाया
पर आज सु
बह फिर से
आफिस में
सीटी बजाते
हुवे दाखिल हुवा
जैसे कल के दिन
उसकी सेहत
को रत्ती भर
भी कुछ
नहीं हुआ
घड़ी उसकी
उसकी अपनी
कलाई पर ही
नजर आ रही थी
पर टिक टिक
उसकी आज
एक बिल्कुल
नई कहानी
सुना रही थी
महिलाओं की 

ओर मुखातिब
हो कर भाई
ने बतलाया
सैल बदलने
घड़ी की
दुकान पर
कल शाम
जब वो आया
एक सुंदर
सुघड़
मोहतरमा
को काम
करते वहाँ पाया
घड़ी को बड़ी
नजाकत से
पेचकस से
खोल कर
उसने सैल
को जब से
अंदर को
सरकाया
जैसे जैसे
पूरा वाकया
सुनाता
चला गया
घड़ीसाज
के काम का
वो कायल
होता गया
चलती है
या रुकी है
अब नहीं
देखने वाला है
अपने घर की
सारी घड़ियों
के सैल एक
एक करके
बदलने वाला है
महिलायें अभी
तक चुपचाप
चंदू को सुनती
जा रही थी
बस थोड़ा
थोड़ा बीच
बीच में कभी
मुस्कुरा रही थी
बोली इस से
पहले हमारे
पतिदेव लोग
दुकान का
पता चला लेंगे
हम लोग भी
अपने घर की
सारी घड़ियों
के सारे सैल
आज ही
जा कर के
बदलवा
डालेंगे ।

मंगलवार, 22 मई 2012

चप्पल और ओपन हार्ट

हृदयाघात
होने का
जैसे ही
हुवा अंदेशा

लल्लू
शहर छोड़
हार्ट केयर
सेंटर पहुंचा

ऎंजियोग्राफी
की नौबत आई

डाक्टर ने
ओपन हार्ट
सर्जरी की
राय बनाई

तुरंत ही
कर दिया जायेगा

बस
पाँच से
छ: लाख
का ही खर्चा
इसमें आ जायेगा

क्या
करता बेचारा
किस्मत का मारा

आपरेशन
थियेटर को
जब ट्राली
ले जायी
जा रही थी

लल्लू
को अपनी
हवाई चप्पल
की चिंता
सताये जा रही थी

डाक्टर साहब
आपरेशन
थोड़ा सा
टलवा दीजिये

मेरे भाई से
मेरी चप्पल
पहले आप
सम्भलवा दीजिये

नामी सर्जन
बिल्कुल
भी नहीं
तिलमिलाया

बस
थोड़ा सा
मुस्कुराया

चप्पलों
को एक
पोलिथिन
लाकर

खुद
उस में
बंधवाया

लल्लू को
दिखा कर
बाहर खड़े
उसके भाई
पप्पू के हाथ
में थमा आया

चप्पल
देख कर पप्पू
थोड़ी देर को चकराया

फिर जा कर
चप्पल की थैली
रिसेप्शन के
एक कोने में
रखकर चला आया

आपरेशन
चल रहा था
पप्पू भी
सोफे में
लेटा लेटा
जम्हाइयाँ
भर रहा था

इतने में
पप्पू की बेगम
पप्पी
वहाँ पर आई

पप्पू ने
पप्पी को
सारी बात
फटाफट समझाई

वो जब
रिसेप्शन
पर जाकर
देख के आई

चप्पल
की थैली
वहाँ से
गायब देख कर

घबरा के
लौट के आई

उधर
आपरेशन चलता
चला जा रहा था

इधर
चप्पल का
गायब होना
पप्पू और
पप्पी का चैन
उडा़ता जा रहा था

पप्पी ने
अचानक
दिमाग अपना
खुजलाया

रिसेप्शन
पर जा कर
ह्ल्ला जोर से मचाया

सी सी टी वी
खुलवाने का
जब भय दिखाया

दरवाजे पर
खड़ा दरबान
तुरंत थैला लेकर आया

बोला
मैने आपकी
चप्पलों का
बहुत ख्याल रखा था

इसी लिये
इसको संभाल
के अपने पास रखा था।

सोमवार, 21 मई 2012

चोरवा विवाह और मास्टर

आमीरखान का
धारावाहिक
सत्यमेव जयते
हम नहीं भी देखते
दूर दर्शन का डब्बा
घर पर कपड़े से ढक
कर जरूर हैं रखते
साथियों के बीच हो
रही चर्चा से पर क्या
कह कर बचते
कल के साप्ताहिक
अंक का एक पहलू
रहा चोरवा विवाह
जिसको सुन सुन कर लोग
भर रहे थे आह पर आह
अजब गजब का किस्सा
बताया जा रहा था कि
देश के कुछ इलाकों में
होनहार बुद्धिमान वरों को
बंदूक की नोक पर उठवा
लिया जाता है
उसके बाद किसी एक कन्या
से उसका जबरदस्ती विवाह
भी करा दिया जाता है
प्रशाशक अभियंता चिकित्सक
प्राथमिकता से उठवाये जाते है
उसके बाद धमकी के देकर
वधू के साथ उसके घर
छोड़ दिये जाते हैं
वैसे तो होता क्या है
विवाह तो विवाह होता है
ऎसे होता है या वैसे होता है
किसी को भी इस किस्से में
मजा नहीं आ रहा था
तभी किसी ने एक नयी
बात वहां पर बताई
जिसको सुन कर सारे
चर्चाकारों के चेहरे पर
अच्छी सी मुस्कान आई
अब तो कभी कभी
मास्टरों को भी उठवा
लिया जाता है
उनका भी चोरवा विवाह
करवा दिया जाता है
इस बात से पता चला
मास्टर भी अब तरक्की
के रास्ते पर आ रहा है
कुछ लोकप्रियता इस तरह
से वो भी पा जा रहा है
सम्मानित लोगों के साथ
उसको भी कभी कभी
उठा लिया जा रहा है
चलो शादी के बाजार में
बड़े लोगों के बीच
कुछ कीमत कोई तो
उसकी भी लगा रहा है।

रविवार, 20 मई 2012

वट सावित्री

श्रीमती जी
सुबह से
ही आज
इधर उधर
जा रही थी


कभी
नयी साड़ी
पहन रही थी


कभी
नाक में
नथ चड़ा
रही थी


अरे
आज तो
जल्दी उठ
कर के नहा
भी लीजिये
का हल्ला
मचा रही थी


पता चला
'वट सावित्री'
का व्रत कर


पूजा
घर पर ही
करवा रही थी


मैने पूछा उनसे


अजी ये
वट सावित्री
क्या बला है


घरवाली बोली


मेरे इस व्रत
को करने से ही
आपका होने
वाला भला है


सावित्री
के पति
सत्यवान
के प्राण
वट वृक्ष के नीचे
जब लेने आता
है यमराज


वापस
लौटने में
स्वर्ग के
द्वार तक
सावित्री को
अपने ही पीछे
आता हुवा
पाता है जब धर्मराज


उसकी
जिद के आगे
जब वो हार जाता है


सत्यवान
के प्राण
उसे लौटाता
है यमराज


इसी लिये
सावित्री
वट वृक्ष
के साथ
अभी तक
पूजी जाती है


हर पत्नी को
प्राण प्यारी
का दर्जा वो
ऎसे ही
दिलवाती है


पत्नी
पति के
प्राणों को
बिल्कुल भी
निकलने देना
कभी नहीं
चाहती है


एक ही बार में
पति के प्राण
निकाल निकाल
के यमराज
अगर ले जायेगा


तो बताइये
पत्नी के
निकालने
के लिये फिर
क्या कुछ
रह जायेगा


यमराज जी
आप ये काम
पत्नियों
को ही
सौंप दीजिये


काहे
पंगे में पड़ते हैं
धीरे धीरे
प्राण प्यारी को ही
पति परमेश्वर
के प्राण
निचोड़ने दीजिये।

शनिवार, 19 मई 2012

ब्राह्मण और मीट

ब्राह्मणों ने शुरु किया
जब से मीट है खाना
बूचडो़ ने सोच लिया
मीट का दाम है बढ़ाना
चाह रहे थे बैंक वाले भाई
तिवारी जी को समझाना
कालेज को जाते समय
ये वाकया सामने आया
तिवारी जी ने जब मुझे
आवाज दे कर बुलाया
एक जमाना था पुराना
कर्म आधार था
वर्ण व्यवस्था का
चार वर्ण में मेरे देश
का आदमी आपस
में बंटता था
जमाना बहुत ही आगे
चला आज आया
आदमी ने भी अपने
कर्मों का दायरा बढा़या
मास्टर स्कूल में
पढा़ना छोड़ के आया
डाक्टर हस्पताल की
दवाई ही बेच आया
बैंक वाले ने गरीब की
भैंस के लोन पर खाया
हर कोई आज ऊपर की
कमाई चाहता है
करता खुद कुछ है और
सामने वाले को समझाता है
बिना कुछ करे किसी के भी
कंधे पर चढ़ कर ऊपर की
ओर जाना चाहता है
उस समय वो वर्ण व्यवस्था
को पूरा पूरा भुनाता है
एक वर्णी लोगों से मिलकर
कहीं भी हाथ मारने में
बिल्कुल नही हिचकिचाता है
काम पूरा जब हो जाता है
वर्ण व्यवस्था के खिलाफ
झंडा खुद उठाता है
सफेद टोपी निकाल के
अन्ना के जलूस की
आगवानी करने भी
आ जाता है
आज जब अधिकतर लोग
देश में हर तरफ कुछ
भी खाते चले जा रहे हैं
फिर भी बाजार में हम
रुपये का भाव गिरता
हुआ देखते चले जा रहे हैं
ऎसे में समझ में नहीं
मेरे आ पा रहा है
ब्राह्मण का मीट खाना
मीट के दाम को
कैसे बढा़ रहा है
तिवारी जी हम ये बात
बिल्कुल भी नहीं
पचा पा रहे हैं
हम भी वैसे शिकार नहीं
खा पा रहे हैं और आपके
प्रश्न का उत्तर भी नहीं
आज दे पा रहे हैं।

शुक्रवार, 18 मई 2012

तबादला मंत्री

नयी
सरकार
लग रहा है

कुछ
कर दिखायेगी

सुना
जा रहा है
पहाड़ी राज्य में
तबादला उद्योग
जल्दी ही लगायेगी

पिछली
सरकार के
तबादला ऎक्ट को

रद्द करने
वो जा रही है

उसके लिये

विधान सभा
की मुहर
जरूरी है
बता रही है

वैसे
तबादले
करने से
क्या हो पाता है

मेरी
समझ मेंं
आज भी
ये नहीं आता है

मेरा
विश्वविद्यालय
संस्था एक
स्वायत्तशाशी है

तबादला
करने करवाने
की यहाँ नहीं
बदमाशी है

जो
काम करता है
वो करता ही
चला जाता है

जो
नहीं करता है
उससे काम
करवाने की
हिम्मत कोई
नहीं कर पाता है

क्यों
नहीं करता 
है पूछने पर

"बने रहो पगला
काम करेगा अगला"

मुहावरा
बड़े चाव
से सुनाता है

अपनी
सरकार को
एक सुझाव
मैं देने जा रहा हूँ

पहाड़ी
राज्य को
प्रगति के पथ पर
ले जाना चाह रहा हूँ

ये
ऎक्ट वेक्ट
खाली काहे
बदलवा रहे हो

तबादला
मंत्री का
पोर्टफोलियो एक
क्यों नहीं बना रहे हो

लाल बत्ती
के एक चाहने वाले को

क्यों नहीं
इसमें खपा रहे हो

तबादले में
सुना था
पिछली बार
बहुत कुछ
खाया जा रहा था

राज्य की
उन्नति में
उसमेंं से
धेला भी
नहीं लगाया
जा रहा था

मंत्रालय
हो जायेगा तो

एक उद्योग
पनप जायेगा

कुछ हिस्सा
तबादलाखोरी का

राज्य के
खजाने में
दो चार कौड़ी
तो जमा कर जायेगा।

गुरुवार, 17 मई 2012

कड़वी चीनी

चीनी के
बारे में
सबसे
कड़वी
बात

दैनिक
हिन्दुस्तान
में छपी
एक खबर
ने हमें
बतायी
है आज

"ज्यादा
चीनी
का सेवन
बनाता है
बेवकूफ़"

बात वैसे
लग रही
है बहुत
ही खूब

इस बात
को हम
कब से
रहे थे
अपने ही
घर में सूंघ

श्रीमती जी
बहुत दिनों
से हमें
चाय
बिना चीनी
के पिलाये
जा रही थी

ये बात
मेरी समझ
में बिल्कुल
भी नहीं
आ रही थी

इसके
खिलाफ
मेरा
परम मित्र
मुझे
भड़का
रहा था
अपने
घर मेंं
एक कप
चाय में
दो चम्मच
चीनी
डाल कर
पिला
रहा था

श्रीमती जी
को कभी
महसूस
मैं फिर
भी नहीं
करा पाया

चीनी कम
खाने से
मेरी
बेवकूफी
में कुछ
अंतर
भी आया

ये समाचार
पत्र भी
अजीब
अजीब
समाचार
छाप के
ले आते हैं

किसी
दिन
चीनी
तो
किसी
दिन
नमक
खाने से
परहेज
करवाते हैंं

घूस
खाने
वाला
बनता है
या
बनाता है
बेवकूफ
नहीं बता
पाते हैं

चीनी
नमक
जैसी चीज
खाने वाले
के पीछे
ही पड़
जाते हैं

देखिये
किस तरह
बेवकूफ
बना ले
जाते हैं।

बुधवार, 16 मई 2012

सफेद बाल

मेरे सफेद बाल
हो गये हैं अब
खुद मेरे लिये
आज एक बवाल

हर कोई इनसे
दिखता है परेशान

जैसे
उड़ रहे हों
मेरे सर के
चारों ओर
कुछ अजीब
से विमान

एक मित्र जो रोज
बाल काले करता है

उसकी बीबी
का डायलाग
हमेशा ऎसा
ही रहता है

अरे आपके
कुछ बाल
अभी काले
नजर आते हैं
आप
अपने बाल
डाई क्यों
नहीं कराते हैं

हर दूसरा भी राय
देने की कोशिश
करता है एक नेक
भाईसाहब आपके
बाल इतनी जल्दी
कैसे हो गये सफेद

एक सटीक दवाई
हम आपको बताते हैं

एक ही रात में
उसको खा के सारे
बाल काले हो जाते हैं

कल जब मैं सड़क पर
बेखबर जा रहा था
देखा एक आदमी
सड़क किनारे रेहड़ी
अपनी सजा रहा था

कुछ जड़ी बूटियां
बेचने वाला जैसा
नजर आ रहा था

मुझे देखते ही दौड़
कर मेरी ओर आया
हाथ पकड़ मेरा
मुझे अपनी रेहड़ी
की तरफ उसने बुलाया

अंकल अंकल ये वाली
बूटी आप मुझ से ले जाओ
एक हफ्ते में अपने
सारे बाल काले करवाओ

सौ रुपये में इतना
आप और कहाँ पाओ
असर ना करे तो
दो सौ मुझसे ले जाओ

उसको इतना उतावला देख
कर मैं धीरे से मुस्कुराया
उसकी तरफ जाकर
उसके कान में फुसफुसाया

पचास साल लगे हैं
इन बालों को
सफेद करवाने में
तुझे क्या मजा
आ रहा है
इनको एक हफ्ते में
काले करवाने में
मेरी की गई मेहनत
पर पानी फिरवाने में

कोई दिल काला
करने की दवा है
तो अभी दे जा
सौ की जगह
पाँच सौ तू ले जा

काले दिल वालों का
जमाना आ रहा है
उन सब को जेल से
बाहर निकाला जा रहा है

उनके खुद किये गये
घोटालों पर ब्याज भी
सरकार की तरफ से
दिया जा रहा है।